हुस्न शायरी – Khubsurti ki Tareef Shayari

husn shayari ghalib

Husn Shayari: दोस्तों लगभग हर किसी को अपनी तारीफ सुनना पसंद होता है, चाहे वो ये सवीकार करे या ना। अगर ये तारीफ उसके हुस्न या खूबसूरती की हो तो क्या ही कहने। मुझे लगता है कि आप भी किसी के हुस्न के कायल हैं या फिर किसी की खूबसूरती के मुरीद हैं। ज़ाहिर है इसी वजह से आप इस पोस्ट पर आये हैं और आप बिलकुल सही जगह पर हैं। यहाँ पर हम आपकी मदद करने के लिए हुस्न शायरी और लड़कियों की खूबसूरती की तारीफ शायरी लेकर आये हैं। इस Husn Shayari और Tareef Shayari को आप Whatsapp और Facebook पर Status के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और खूबसूरती की तारीफ भरी शायरी को उन तक पहुंचा सकते हैं।

 

husn shayari ghalib

Ladkiyon ki Khubsurti ki Tareef Shayari: हमारे पास इस पोस्ट में बहुत सी दिल को छू लेने वाली और चुनिंदा, लड़कियों की खूबसूरती की तारीफ शायरी का संग्रह है. इन्हे आप अपने दोस्तों, चाहने वालों और प्यार करने वालों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें. हम उम्मीद करते हैं कि नीचे दी गयी हुस्न शायरी में से आपके मुताबिक कुछ शायरी मिल जायेगी और आपके काम आएगी.

 

Mujhe kya maaloom tha husn kya hota hai

Meri nazron ne tujhe dekha aur andaaza ho gya

 
हुस्न की तारीफ वाली शायरी

मुझे क्या मालूम था हुस्न क्या होता है

मेरी नज़रों ने तुझे देखा और अंदाजा हो गया


Humein kahan maaloom tha tere chehre ke til ka raaz

Kisi ne btaya ke husn ka pehredaar hai ye

 
तेरा हुस्न शायरी

हमें कहाँ मालूम था तेरे चेहरे के तिल का राज़

किसी ने बताया के हुस्न का पहरेदार है ये


Main Bhi likh deta kitaab tere husn ki taareef mein

Kaash teri wafa or husn ka koi mukabla bhi hota

 
तेरे हुस्न की तारीफ शायरी

मैं भी लिख देता किताब तेरे हुस्न की तारीफ़ में

काश तेरी वफ़ा और हुस्न का कोई मुकाबला भी होता


Foolon sa komal chehra tera, tu sangmarmar ki moorat hai

Tere husn ki kya taareef karoon, tu itni khoobsoorat hai

 

फूलों सा कोमल चेहरा तेरा, तू संगमरमर की मूरत है

तेरे हुस्न की क्या तारीफ़ करूँ, तू इतनी खूबसूरत है

 

हुस्न तारीफ भरी शायरी

हुस्न की तारीफ शायरी


Hataaye nahin hat ti ye nazren tere chehre se huzoor

Hum tere kaayal hai aur tujhe hai husn ka guroor

 

हटाये नहीं है तो ये नज़रें तेरे चेहरे से हुज़ूर

हम तेरे कायल है और तुझे है हुस्न का गुरुर


Darta hoon kahin lag na jaaye tere husn ko meri nazar

Is liye abhi tak tujhe gor se dekha hi nahin

 
तारीफ शायरी फॉर हुस्न
डरता हूँ कहीं लग न जाए तेरे हुस्न को मेरी नज़र

इस लिए अभी तक तुझे गौर से देखा ही नहीं


Tere husn kea aage mujhe lagta hai sab kuch saada

Asmaan mein hai poora chaand par mujhe lagta hai aadha

 
हुस्न शायरी

तेरे हुस्न के आगे मुझे लगता है सब कुछ सादा

आस्मां में है पूरा चाँद पर मुझे लगता है आधा


Kya poochte ho humse husn ki taarif

Humein jis se mohabbat hui, wo hi sabse haseen

 

क्या पूछते हो हमसे हुस्न की तारीफ़

हमें जिस से मोहब्बत हुई, वो ही सबसे हसीं

 

Ladkiyon ki khubsurti ki Tareef Shayari

खूबसूरती की तारीफ शायरी


Tere husn ki kya taareef likhun, Tujhe chaand kaha to teri toheen hogi

Tere liye hi sajti hain ye mehfilen, Tere bina ye sham gamgeen hogi

Tode hain tune laakh dil, Hum ek todenge to sza sangeen hogi

 
तेरे हुस्न की तारीफ

तेरे हुस्न की क्या तारीफ लिखूं, तुझे चाँद कहा तो तेरी तोहीन होगी

तेरे लिए ही सजती हैं ये महफिलें, तेरे बिना ये शाम ग़मगीन होगी

तोड़े हैं तूने लाख दिल, हम एक तोड़ेंगे तो सज़ा संगीन होगी


Tu hi dil mein basta hai, kisi or se humne kya karna

Main gulaam aur tu raani hai husn ki, Maine pyar ka izhaar kya karna

Ik kaante ka dard na saha jaaye, wafa e mohabbat tune kya karna

Tera pyaar mare mujhe har pal, esi mot mein mare to kya marna

 

तू ही दिल में बसता है, किसी और से हमने क्या करना

मैं गुलाम और तू रानी है हुस्न की, मैंने प्यार का इज़हार क्या करना

इक कांटे का दर्द न सहा जाए, वफ़ा ए मोहब्बत तूने क्या करना

तेरा प्यार मारे मुझे हर पल, ऐसी मोत में मरे तो क्या मरना


Ek husn ki pari ko main apna dil de betha

APni zindagi ko ek maksad de betha

Pta nahin wo mujhe chaahti hai ya nahin

Bas yahi khyaal mujhe bhi le betha

 

एक हुस्न की परी को मैं अपना दिल दे बैठा

अपनी ज़िन्दगी को एक मकसद दे बैठा

पता नहीं वो मुझे चाहती है या नहीं

बस यही ख्याल मुझे भी ले बैठा

 

हुस्न की तारीफ शायरी

Husn Shayari in Hindi


Taras gya tha main uske husn ke deedaar ko, Aaj muddton baad uska deedaar hua

Chup the wo aur humse bhi kuch kaha na gya

Dil kiya ke thaam loon uska haath, Par wo hak bhi humse ab chhin gya

Lga yun ke humse wo anjaan huye, dekh kar humein muh fer liya

Taras gya tha main uske husn ke deedaar ko, Aaj muddton baad uska deedaar hua

 
हुस्न की तारीफ शायरी

तरस गया था मैं उसके हुस्न के दीदार को, आज मुददतों बाद उसका दीदार हुआ

चुप थे वो और हमसे भी कुछ कहा न गया

दिल किया के थाम लूँ उसका हाथ, पर वो हक़ भी हमसे अब छिन गया

लगा यूँ के हमसे वो अनजान हुये, देख कर हमें मुंह फेर लिया

तरस गया था मैं उसके हुस्न के दीदार को, आज मुददतों बाद उसका दीदार हुआ


Husn Shayari

usne esi maari nazar ke mere hosh udd gye

dekh kar uska husn us se kuch naate jud gye

ab rehna uske bina dushwaar sa lagta hai

mujhe bhi ho gya uske sath pyaar sa lagta hai

 

उसने ऐसी मारी नज़र के मेरे होश उड़ गए

देख कर उसका हुस्न उस से कुछ नाते जुड़ गए

अब रहना उसके बिना दुश्वार सा लगता है

मुझे भी हो गया उसके साथ प्यार सा लगता है


Tere husn ki aag mein kahin jal naa jau

Kar mohabbat tu mujhse jra dheere dheere

 

तेरे हुस्न की आग में कहीं जल ना जाऊ

कर मोहब्बत तू मुझसे जरा धीरे धीरे

 

Husn Shayari on Beauty

तारीफ भरी शायरी


Ye aaine kya denge tujhe tere husn ki khabar

Meri aankhon se to pooch kar dekh kitni haseen hai tu

 

ये आईने क्या देंगे तुझे तेरे हुस्न की खबर

मेरी आँखों से तो पूछ कर देख कितनी हसीन है तू


Husn mein tere hoga shraab aur itr ka mel

Isi liye kabhi mehkta hoon kabhi behakta hoon

 

 हुस्न में तेरे होगा शराब और इत्र का मेल

इसी लिए कभी महकता हूँ कभी बहकता हूँ


Na kar parda apne husn par, iska koi nahin hai fayda

Kon rehta hai hosh mein, husn e didaar ke baad

 

न कर पर्दा अपने हुस्न पर, इसका कोई नहीं है फायदा

कौन रहता है होश में, हुस्न ए दीदार के बाद


Husn jab nahaata hai sarowar mein, to chaand bhi paani mein utar jaata hai

Khud to sheetal ho jaata hai par paani mein aag lga jaata hai

 

हुस्न जब नहाता है सरोवर में, तो चाँद भी पानी में उतर जाता है

खुद तो शीतल हो जाता है पर पानी में आग लगा जाता है

 

खूबसूरती की तारीफ शायरी

Khubsurti Ki Shayari


Bhagwan ne jab tujhe bnaaya hoga

Ek baar uska imaan bhi dagmgaaya hoga

Sochta hoga rakh loon tujhe apne sath jannat mein

Fir use mera bhi to khyaal aaya hoga

 

भगवान् ने जब तुझे बनाया होगा

एक बार उसका ईमान भी डगमगाया होगा

सोचता होगा रख लूँ तुझे अपने साथ जन्नत में

फिर उसे मेरा भी तो ख्याल आया होगा


Ab kese uthegi aankh hmaari kisi or ki taraf

Uske husn ki ek jhalak humein paaband bna gyi

 

अब कैसे उठेगी आँख हमारी किसी और की तरफ

उसके हुस्न की एक झलक हमें पाबन्द बना गयी


Ye jo paani bhi madhosh aur mehka hua sa hai

Jroor usne paani mein apna husn nihaara hoga

 

हुस्न शायरी इन हिंदी

 

ये जो पानी भी मदहोश और महका हुआ सा है

जरूर उसने पानी में अपना हुस्न निहारा होगा


Two Line Husn Shayari

Husn hai tera bilkul chaand ki treh

Utna hi noor hai, utna hi door hai, utna hi guroor

 

हुस्न है तेरा बिलकुल चाँद की तरह

उतना ही नूर है, उतना ही दूर है, उतना ही ग़ुरूर

 

Two Line Husn Shayari

Ladkiyon ki khubsurti ki Tareef Shayari


Taras gye hain husn e deedaar ke liye

Ye dil aapko hi yaad karta hai

Khushnaseeb hai aapke ghar ka aaina

Jo aapka har roz deedaar karta hai

 

तरस गए हैं हुस्न ए दीदार के लिए

ये दिल आपको ही याद करता है

खुशनसीब है आपके घर का आइना

जो आपका हर रोज़ दीदार करता है


Husn Shayari in Hindi

Tumhaare hi husn ka noor hai hamaare aks par

Warna kon pasand karta hum jese shakhs ko

 

तुम्हारे ही हुस्न का नूर है हमारे अक्स पर

वरना कौन पसंद करता हम जैसे शख्स को

 

Husn Shayari in Hindi

Two Line Husn Shayari


Staate hain humein to husn ke maalik

Auron se to hum nazar bhi nahin milaate

 

सताते हैं हमें तो हुस्न के मालिक

औरों से तो हम नज़र भी नहीं मिलाते


Husn ne kayi barbaad kie, bhagwaan tu kahin ishq na kario, pachhtaayega

Hum to mar kar tere paas aa jaayenge, par tu kahaan jaayega

 

हुस्न ने कई बर्बाद किए, भगवान् तू कहीं इश्क़ ने करियो, पछतायेगा

हम तो मर कर तेरे पास आ जाएंगे, पर तू कहाँ जाएगा